A Review Of Sad Shayari in Hindi

वर्ना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहां थी….!खुला आसमान है, फिर भी हम कैद से लगते हैं,टूट कर भी हँस देना उसने खुद को सिखा दिया है,मुलाकात

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